जलन की बेबस आरजु

There are times with most of us when we desparately miss our beloved and go bewildered without any reasons…..actually these only are strong feelings of which some don’t express or mask it….which is often mistaken as for having no feelings. However this may not be true always but yet there is subtle confrontation with the […]

प्यारे पापा

डड्डू कहूँ या पापा ये मुझे नही आता टीवी देखूं या खेलती रहूँ  ये भी समझ नहीं आता स्कूल के बाद घर और होमवर्क  बस यही हर दिन का ताता कभी तो कहते खेलो कूदो ऐसा भी नही होता कभी तो कहते पिकनिक चलो क्यूॅ आपको नही लगता  हर साल की छुट्टिया और परिक्षा उसके […]

हैलो डड्डू!!!

तुम जब कहती हैलो डड्डू  मैं जैसे सुनता कहाॅ है लड्डू  तुम बोलती बारबी चाहिए  मैं पूछता क्यूॅ चाहिए  तुम कहती आईस्क्रीम चाहिए  मै पूछता क्यूॅ चाहिए  तुम कहती घूमने जाना चाहिए  मै कहता पहले पढाई लिखाई  फिर भी तुम कहती  डड्डू  बर्थडे गिफ्ट चाहिए  डड्डू क्या सोचे क्या कहे सब कुछ तेरा है बिट्टू  […]

कल तुम जब खेल रही थी 

तुम्हारे संग खेल सकता एसी उम्र नहीं थी तुम्हारे संग गुड़ियो को खाना खिला सकता  एसी सोच नहीं थी तुम्हारे संग रंगो से दिवाल रंग सकता  एसी शरारत नहीं थी तुम्हारे संग हर कमरा खराब कर सकता एसी इच्छा नही थी कुल जब तुम खेल रही थी  तुम्हारे संग बोल सकता  इतनी फुरसत नहीं थी […]

अभ्युदय …..

​ There was an occasion to meet a cheerful couple who met me at a meditation centre on day 1 during registration . .We were supposed to observe silence wherein it was allowed to talk on 9th day only…..and then he sobbed incessantly. ….He had his saga n told how timid and coward he was […]

Kabhi tere noor pe chashmadeed raha hu (Poem)

KABHI TERE NOOR PE Ruddiness may last forever if the beauty is through virtuous thoughts, thinking, association, behavior and so on, which is essentially a compassionate & ethical act. The halo then ensures any one a splendor. However any other vitiated aspect would certainly diminish this sparkle which basically emanates from the inner satisfaction of […]